मज़ा आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे हालात पर तूने जब साँवरे....

अपनी नज़रे घुमाई मज़ा आ गया....

हो गयी यूँ तेरी मुझ पे नज़रें क़रम...

ज़िन्दगी मुस्कुराई मज़ा आ गया....

तेरी रहमत का जो कर सके शुक्रिया....

वो ज़ुबाँ न मेरे पास है साँवरे....

बरकतें पड गई ज़िन्दगी में मेरी....

तेरी रहमत जो आई मज़ा आ गया....

तुझसे मांगू में क्या कुछ बचा ही नहीं...

तूने वो है दिया जो न मिलता कहीं...

शान शौक़त मिली मुझको दर से तेरे...

जब ये गर्दन झुकाई मज़ा आ गया....

इश्क़ की ये खुमारी छड़ी रहने दो....

आंख बाबा से मेरी लड़ी रहने दो...

जो लड़ी आंख फिर क्या बताऊँ के बस...

देख कर ये लड़ाई मज़ा आ गया...

बात अब ये यहां पर खतम न हुई...

बातों बातों में इक बात याद आ गई...

ज़िन्दगी में दुआ हार ही हार थी...

जीत तूने दिलाई मज़ा आ गया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।