मेहक उठा है जीवन जब

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

जब श्यामघनी ने फेरी रहमत की नजरियाँ

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

बदल दियां है जीवन मेरा बाबा ल्ख्दातारी ने

लगा लियां अपनी सेवा में कलयुग के अवतारी ने

अपनी करुना से भर दीनी जीवन की गगरियाँ

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

हार गया जब इस दुनिया से श्याम से अर्ज लगाई थी

डग मग नैया डोल रही भवर बीच लहराई थी

आ जीवन नही बचा श्याम ने प्रेम की नगरियाँ

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

सारे रिश्ते नाते देखे अब दुनिया की चाह नही

सचा साथी श्याम मिला है अब कोई परवाह नही

बाँध के घुंगरू छम छम नाचू ओड के प्रेम चुनरियाँ

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

भक्त और भगवान का रिश्ता जन्म जन्म तक टूटे ना

कृष्ण प्राणतन से छुटे पर प्रेम का बंधन टूटे न

दीना नाथ दया के सागर

अब तो लेलो खबरियां

मेहक उठा है जीवन जब से मिल गए सेठ सांवरियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।