चलो कवाडिया शिव नगरियाँ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो कवाडिया शिव नगरियाँ भर लो गंगा पानी

जय जय बोलो भोले दानी

जय जय बोलो ओघ्दानी,

ॐ नम शिवाये

चलो आया देव घर से अब चलो कवाडिया अपने घर से

सिर को जुकाए भोले जी को बड़े बड़े अभिमानी

जय जय बोलो भोले दानी

जय जय बोलो ओघ्दानी,

शिव शम्भु की महिमा निराली

कोई आया नही अब खाली है

उनको चदाओ चदता निर्मल गंगा जी का पानी

जय जय बोलो भोले दानी

जय जय बोलो ओघ्दानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।