॥ पावन पाठ ॥
झिकझोर करे बदरा रातें के रात
ई बदरा है जन्म के बैरी
टिप टिप बरसे ई माने न बात,
बदरा राते के रात
झिकझोर करे बदरा रातें के रात
रैन अंधेरी बिजुरी चमके,
बिजुरी चमके ई जियरा डरात
बदरा रातें के रात
झिकझोर करे बदरा रातें के रात