ऐसा जादू कर गयी राधा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा जादू कर गयी राधा कर गई जादू टोना रे

राधे राधे राधे रटटो डोले मेरो श्याम सोलोना रे

सखी रे मेरो संवारो भेयो री वन्वारो,

ना ही खावे माखन मिश्री ना ही चखे मेवा व्यंजन

ना ही कोई शिंगार करे री ना सजे माथे चन्दन

ना ग्वालो संग खेलन जावे भूलियो खेल खिलौना रे

राधे राधे राधे रटटो डोले मेरो श्याम सोलोना रे

सखी रे मेरो संवारो भेयो री वन्वारो,

नैना बनकर ध्यान लगावे सुध नही गाये चराने की

नैन खोल मेरा कृष्ण देखे राह तके बरसाने की

सांझ ढले मोहन घर आये थके थके से नैना रे

राधे राधे राधे रटटो डोले मेरो श्याम सोलोना रे

सखी रे मेरो संवारो भेयो री वन्वारो,

पेहन के गगरा चोली चुनरी बेश धरे मनिहारी का

बरसाने में ढोले दर्शन करने राधे प्यारी का

राधे दर्श बिन मनमोहन के मन को मिले न चैना रे

राधे राधे राधे रटटो डोले मेरो श्याम सोलोना रे

सखी रे मेरो संवारो भेयो री वन्वारो,

चटक चांदनी चंदा जागे चंदा संग मोहन जागे

मुरली बजावे सारी रतियाँ मुरली कहे राधे राधे

सुन रमेश कोई वैद बुला दे बुली कृष्णा सोना रे

राधे राधे राधे रटटो डोले मेरो श्याम सोलोना रे

सखी रे मेरो संवारो भेयो री वन्वारो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।