अब तो कर दो कृपा बनवारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो कर दो कृपा बनवारी,

तुम ही हो इस जग में अपने,

झूठे सारे इस जग के सपने,

झूठी है ऐ दुनियां सारी,

मोह-लोभ में उलझ गए हम,

तुम्हारी कृपा बिन भटक रहे सब,

अब तो राह दिखाओ प्रभु जी,

हमरी टेर सुन लो गिरधारी,

अब...

जीवन दो दिन का मेला है,

हर पल इक नया झमेला है,

हमको राह दिखाओ प्रभु जी,

हर लो हमरी विपदा सारी,

अब..

-अर्द्धचंद्रधारी राम त्रिपाठी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।