छैल सा छोरा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कोई तेरे वरगा और नही से छैल हो भोले,

मैन वयाह कर वाउगी बस तेरि गैल ओ भोले

धने धके खावे गी तु मेरी घैल रे गोरा,

तेरा बापु शाहुकार ढूँढ कोइ छैल सा छोरा

देख लिये मैने सब के नखरे तु ये सादा भोला से

तु सब से उपर सब से सुपर जग मे तेरा रोला से

मेरा बापु सहुकार खोल दे गागन क बोरा

तेरा बापु शाहुकार ढूँढ कोइ छैल सा छोरा

टोटेआला वेश मेरा तु के लुटे गोरा रानी

जो देदेगा वो खा लुंगी पी लुंगी ठंडा पानी

अरे टोटे में माचेगे माहरे रोज के रोले

मैन वयाह कर वाउगी बस तेरि गैल ओ भोले

सोनू लखा बुला मुरारी फेरे भी पड़ पावे दे गा

वो पका बमान मान लिए मेरा शेहरा भी बंध वा देगा

वो फेन दालखमी का वो एंडी छोरा,

तेरा बापु शाहुकार ढूँढ कोइ छैल सा छोरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।