मेरे शिव डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे शिव डमरू वाले,हमें चरणों से लगाले

पड़ी मझधार में नैया भोले उसे पार लगादे

रहे बनके सेवादार हमकांधे पे उठा के चले

कवाड़ तेरी हम

बम भोले बम भोले बम बम बम बम

भोले तेरे रूप ने मन मेरा मोह लिया

कावड़ियों का भोले तने दिल ही लूट लिया

ओघड़दानी नाम तेरा हमने रट लिया

बम भोले बम भोले बम बम, बम, बम

मेरे शिव डमरू वाले,,,,,,,,,

भोले तेरी मस्ती का रंग ऐसा चढ़ गया

कावड़ियों के अंग अंग में यो बस गया

भोले तेरे नाम का डंका बज गया

बम भोले बम भोले बम बम बम बम

मेरे शिव डमरू वाले,,,,,,,,,

बम भोले बम भोले गूजे जयकारा है

कावड़ियों की राह में ये ही इक सहारा है

भोले तेरा सचा राही भी दीवाना है

बम भोले बम भोले बम बम बम बम

मेरे शिव डमरू वाले,,,,,

ARUN CHAUHAN RAHI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।