मेरे शंकरा किरपा करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे शंकरा किरपा करो भोले नाथ

दर पे आया तेरे मैं आज

मेरे शंकरा किरपा करो भोले नाथ

तुझसे ही सूरज रोशन होता

तुझसे समन्दर में पानी

मेरा सब कुछ तू है सभी का केहते है ग्यानी ध्यानी

सारी नीतियाँ तेरे काज

मेरे शंकरा किरपा करो भोले नाथ

कौन है राजा कौन भिखारी दर पर सब इक आ

खाली दामन लोटा कोई कौन है जिस ने देखा

देकर सब को सिर के ताज

मेरे शंकरा किरपा करो भोले नाथ

कौन है मेरा इस दुनिया में तेरा सिवा कुछ न जानू

नाम का कुंदन पर है मिटटी क्या मिटटी को सोना मांगू

रखना सलामत मेरी लाज

मेरे शंकरा किरपा करो भोले नाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।