सत्कर्म करने वाला न मरा है न मरेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सत्कर्म करने वाला न डरा है ना डरेगा

चाहे जहाँ करो तू करना है अंत तुझको

तृष्णा का समण्डार न भर है ना भरेगा

फानुष बनके इस्वर जिसकी करे हिफाजत

तूफा में भी वहाँ दीपक न बुझा है ना बुझेगा

जो स्तय अहिंसा का दमन कभी न छोड़े

जिस रथ पे कृष्ण बैठा न आरा है ना अरेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।