मोटे नैना तेरे कजरारे लुट गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोटे नैना तेरे कजरारे लुट गई मिट गई तुझपे प्यारे

मैं तेरी हो गई

प्यारे दिलबर कन्हियाँ हमारे तेरी बंसी के समजे इशारे

प्यार में खो गई

तुम को पड़ी दिल चुराने की अदात नजरो से नजरे मिलाने की अदात

तिर्शी निगाहो में क्यों इतना जादू दुनिया को पागल बनाने की अदात

बिन चंदा के तूने है तारे तेरे जलवे बड़े न्यारे न्यारे

मैं तेरी हो गई

तेरी पुजारन है राधा तुम्हारी है इन्जा की पड़ी बेकरारी

तुम से नही दूर कान्हा रहुगी आजा आजा मेरे बांके बिहारी

मेरे जीवन के गिरधर किनारे पार तुझबिन बता कौन उतारे

मैं तेरी हो गई

मेरी तू मंजिल है जीवन का साथी

इस दिल के मंदिर की तू श्याम बाती,

तुझको निहारु निहारु दिन राती

आंसुओ से मैंने लिखी श्याम पाती

जीता जीता तू ही हम हारे प्रेम बंधन निभा प्राण प्यारे

मैं तेरी हो गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।