जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

बर्मा विष्णु शंकर जिनमे आधी अनाधि निरंतर जिन में

ऋषि मुनि शरनाई की

जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

लक्श्मी शारदा काली जिनमे आंबे शेरोवाली जिन में,

छवि दीखे महामाई की

जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

धरती वायु अम्बर जिनमे नदियाँ झरने सागर जिनमे

सब में ज्योत है साईं की

जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

ज्ञान दयान और भगती जिनमे पुण्ये धर्म और मुक्ति जिनमे

भव तारक फल दयाक की

जय बोलो सतगुरु साईं की साईं कृष्ण राम रघुराई की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।