सब जाने तेरे गोरा तेरा भोला मस्त मलंगा से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं जोडू हाथ सुन भोले नाथ यो तेरी भांग का पंगा से

सब जाने तेरे गोरा तेरा भोला मस्त मलंगा से

जब से तेरे व्याही भोले मिला मने आराम नही

तेरे भांग के चक्र में यो बेठा घर का काम नही

यु सोचु था भोला प्यारी मेरी सेवा करेगी

ताजा ताजा रोज सवेरे भांग घोट के पिलावे गी

कदे चिलम कदे भांग तेरा यो साग बड़ा बेढंगा से

सब जाने तेरे गोरा तेरा भोला मस्त मलंगा से

हरी द्वार का मेला भोले कदे मने दिखाया न

अपनी गोरा प्यारी का तने कदे भी लाड लडाया न

हरिद्वार पे गोरा चल तने हिन्दुस्तान घुमाऊ मैं

जल्दी हो ले तयार रे गोरा झूठ नही बेह्काऊ मैं

कैसे करू शिंगार भोले ना शीशा न कंगा है

सब जाने तेरे गोरा तेरा भोला मस्त मलंगा से

मेरा तो जी कर रहा भोले मने घुमा दे हरयाना

सीधे साधे लोक ओठे के दूध दही का सेठाना,

भेद नाथ पे गोरा आज मोटा पाटा चाला रे

हरयाने में दास ख़ास मेरा शेहर भिभानी वाला रे

मने सुनेया से भीम सेन वो मानुष बड़ा ही चंगा से

सब जाने तेरे गोरा तेरा भोला मस्त मलंगा से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।