मैया देने वाली है हम लेने वाले है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया देने वाली है हम लेने वाले है

आज खाली हाथ नही जाना

जिसे चाहिए जैकार लगाना

मैया देने वाली है हम लेने वाले है

रोज रोज मांगने की झंझट ही छोड़ दो

जिसे जितना चाहिए वो आज मुख से बोल दो

आज अच्छा मोका है किसने तुम्हे रोका है

बिलकुल भी न शरमाना

जिसे चाहिए जैकार लगाना

लाखो लाखो लेने वाले दातार इक है

पल में बदल ता याहा किस्मत की रेख है

भगत थोड़े ज्यदा है लेने का इरादा है

सब से पेहले हाजरी लगाना

जिसे चाहिए जैकार लगाना

हाथ में न आये तो झोली पसार ले

खूब लेके जाना है सचे दरबार से

झूम भर जाए तो काम बन जाए तो

वनवारी रोज गुण गाना

जिसे चाहिए जैकार लगाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।