जय बोले शिव बम बम बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले की बोलो जय जय कार जय बोले शिव बम बम बम,

शिव जी की बोलो जय जय कार

जय बोले शिव बम बम बम,

कोई केहता भीमा शंकर भीमा शंकर कोई नाग्शेवर

जटा से बहे गंग धार

जय बोले शिव बम बम बम,

तिरलोकी स्वामी शिव शंकर जय कैलाश पति प्रलयंकर

कितने है बाबा तेरे नाम जय बोले शिव बम बम बम

भुत नाथ नंदी की सवारी ,

रुद्र नाथ जय डमरू धारी

केह्ता है कोई नटराज

जय बोले शिव बम बम बम,

उमा पति तुम गोरा पति हो

तिरलोकी केलाश पति हो

गले में तेरे सर्प माल

जय बोले शिव बम बम बम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।