आ गये हम तो तुम्हरी नगरियाँ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आ गये हम तो तुम्हरी नगरियाँ भोले लेलो हमारी न खबरियां

सुख की बरसादो हम पे बदरियाँ करदो करदो दया की नजरियाँ

आ गये हम तो तुम्हरी नगरियाँ भोले लेलो हमारी न खबरियां

जिस को जो भी मिला तुम्हरे दर पे मिला

भाग हमरा जगा दो करो अब भला

मन की बतियाँ समजते हो ग्यानी हो तुम

प्रेम की और दया की निशानी हो तुम

सब की है मदत तुमने भोला

हम भी आये है लेने मदितियाँ

आ गये हम तो तुम्हरी नगरियाँ भोले लेलो हमारी न खबरियां

मेरा विस्वाश हो मेरी भगती हो तुम

मेरी हिमत हो तुम मेरी शक्ति हो तुम

तुम्हरे दर से मैं जाऊ तो जाऊ कहा

आस की ज्योत जा के जलाऊ काहा

इक सिवा तेरे हम को तो भोला कोई भाति नही है डगारियां

आ गये हम तो तुम्हरी नगरियाँ भोले लेलो हमारी न खबरियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।