श्याम बिन कौन सुने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बिन कौन सुने मोरी बात

कौन सुने मोरी बात

रात रात भर अखियाँ आंसू जागु मैं दिन रात

मैं तो अपने वचन श्याम जी तूने छोड़ी डोर

तुम न मिले तो समजो श्याम जी प्राण कजू गी भोर

दास नारायण श्याम प्राण है श्याम मेरी सोगात

श्याम बिन कौन सुने मोरी बात

रात रात भर अखियाँ आंसू जागु मैं दिन रात

श्याम बिन कौन सुने मोरी बात

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।