सुन ले डमरू वाले मुझे तेरा ही सहारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले डमरू वाले मुझे तेरा ही सहारा

तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा

दूर दूर तक डमरू वाले सूजे नही किनारा

इक बार आ जाओ बाबा मैंने तुझे पुकारा

तुझबिन कौन हमारा बाबा तुझबिन कौन हमारा

तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा

नैया हमारी हे शिव शंकर अब है तेरे भरोसे

खेते खेते हार गया हु डरता हु लेहरो से

घिर गए काले बादल और छाया है अंधियारा

तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा

अन्धयारी रातो में बाबा बिजली कड कड कड़के

डूभ न जाए नैया मेरी दिल मेरा ये धडके

श्याम की नैया को क्या नही मिलेगा किनारा

तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।