जिस काँधे कावड लाऊ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जिस काँधे कावड लाऊ मैं आप के लिए

वो कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए

जब काँधे पे मैं कावड उठाऊ

उस से मैं जितना पुण्ये कमाऊ,

उसको रखु मैं बचा के आशीर्वाद के लिए

वो कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए

इन कांधो में एसी तू शक्ति भर दे आखिरी समय में उनकी सेवा करदे

काम मुश्किल ये नही है भोले के लिए

वो कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए

कावड हो या अरथी भोले आये तेरे पास हो

वनवारी तेरे ऊपर इतना तो विशाश हो

तेरा कवाडिया न तरसे सिर पे हाथ के लिए

ये कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।