मैया थाणे आज बुलावा

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

व्याह रचायो लाडली रो चाव सु

मैया थाणे आज बुलावा साँची भगती भाव सु

व्याह रचायो लाडली रो चाव सु

सबसू पहलेया थारे नाम को मंगल पाठ कराए हां

बना बनी ने आशीष देने थाने आज बुलाया माँ

अब तो आजा चाल झुंझुनू गाव सु

मैया थाणे आज बुलावा साँची भगती भाव सु

कुम कुम पत्री भेज दियो हां

न्युतो भी लगवायो हां हे आओ गा आशीष देने आसा घनी जगाया हां

धन्ये करो ये इब थारे दरसाव सु

मैया थाणे आज बुलावा साँची भगती भाव सु

शुभ विवाह को कारज सारेयो थाणे पार लगाणों है

जब तक बेटी विदा न हॉवे आसन अठे जमानो है

जाइयो मत न दादी श्री के भाव सु

मैया थाणे आज बुलावा साँची भगती भाव सु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।