हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया झूमे राधा रनिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

की हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया झूले राधा रानिया है हरी

घिर आये घूंघर घनकरे,परे रिमझिम बून्द फुहारे। हरे रामा चमक रही दमिनिया

की झूमे

गर सोहे मोतियन माला, अंग अंग में भूषण निराला। अरे रमा कमर पड़ी करधानिया

की झूमे

उ झूले सुमन हिंडोला बिन दाम लेत मनमोला ।हरे रमा मंद मंद मुस्कनिया

की झूमे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।