टिकट जम्मू की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

टिकट हरयाणे तै मन्ने जम्मू की कटवाई

मैं धोकन जाउंगी मन्ने याद करे मेरी माई

सास मेरी जावे ससुर मेरा जावे

गैल मैं जावेगा मेरी सगी हे ननद का भाई

हलवा पूरी भोग बनाया संग सोलह सिंगार सजाया

किनारी गोटा ला मन्ने चुनरी लाल सजाई

खुश होज्या म्हारी देवी माई हो ज्यागी म्हारी मन की चाही

भवन पै जाउंगी मैं चढ़ कै कठिन चढ़ाई

आकै जगराता करवाऊं देवी दयाल शर्मा नै बुलाऊँ

हे मित्तल पै जाकै मन्ने माँ की भेंट लिखाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।