गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

गुरु म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

म्हानै प्यारी प्यारी बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

हल्दी का रंग पीला होवे , केशर कद बण ज्यासी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥1॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मीठी मीठी बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

खीर खाण्ड का अमृत भोजन, सन्त नीवाला लेसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥2॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

कागा कँ गल पैप माला, हँसलो कद बण ज्यासी

मिल्या सन्त उपदेशी ॥3॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मीठी मीठी बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

खार समद बीच अमृत भेरी, सन्त घड़ो भर लेसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥4॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

साधु सन्त रल भेला बैठ्या, नुगरा न्यारा रहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥5॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

ऊँचे टीले धजा फरुके, चौड़े तकिया रहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥6॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

शरण मछेन्दर जती गोरख बोल्या, टेक भेष की रहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी ॥7॥

गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम

म्हानै मोंयले री बाताँ कहसी ओ राम

म्हानै झीणी झीणी बाता कहसी ओ राम

मिल्या सन्त उपदेशी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।