तूने जितना किया माँ कोई नहीं करता

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ओ माँ ..

तेरा मेरा क्या रिश्ता ...

पर जितना किया ..तूने जितना किया ...

माँ कोई नहीं करता ...

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ओ माँ ..

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ...

जब जब भी ये दिल मेरा उदास होता है ,

तू है मेरे पास खड़ी, एहसास होता है ,

एहसास होता है....

ढूंढा तेरे जैसा माँ , कोई नहीं मिलता ,

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ओ माँ ..

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ...

कोई भी मुसीबत को तू पास भटकने ना दे ,

बेटे की अँखियों से आंसू कभी छलकने ना दे ,

कभी छलकने ना दे ,

आँचल तेरे जैसा माँ कोई नहीं रखता ,

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ओ माँ ..

तेरा मेरा है क्या रिश्ता ...

बनवारी तू प्यार मेरा पहचानता नहीं है ,

मेरी गोद में बैठा है ये जानता नहीं है ,

जानता नहीं है ,

गोदी में किसी को यूं ही कोई नहीं रखता ,

तेरे मेरा यही रिश्ता , बेटा तेरा मेरा यही रिश्ता ,

ये मत कहना कहना , फिर मत कहना ,

ये मत कहना की तू मेरा कोई नहीं लगता |

तेरे मेरा यही रिश्ता बेटा तेरा मेरा यही रिश्ता |

प्रस्तुतकर्ता - टी सीरीज (Tseries)

भजन गायक - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।