लेतो जा ज्ये रै बीरां लेतो जा ज्ये बाई सुगणा बाई रा बीरां हो संदेशो म्हारो लेतो जा ज्ये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लेतो जा ज्ये रै बीरां लेतो जा ज्ये

लेतो जा ज्ये रै बीरां लेतो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई रा बीरां हो संदेशो म्हारो लेतो जा ज्ये

पहलो - पहलो परचो माता मैणादे नै दीनयो

दुखड़ो माता रो बाबो सारो हर लिनयो

उफणतो दूध थमातो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

दूजो - दूजो परचो बाबो बिंणजारे नै दीनयो

दुखड़ो बिणजारे रो बाबो सारो हर लिनयो

मिसरी को लूण बणातो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

तीजो - तीजो परचो बाबो बोयता नै दीनयो

दुखड़ो सेठां रो बाबो सारो हर लिनयो

डुबयोड़ी नयाव तिरातो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

चौथो - चौथो परचो बाई सुगणा नै दीनयो

दुखड़ो बहणा रो बाबो सारो हर लिनयो

अमृत रस बरसातों जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

पांचों - पांचों परचो पाँचू पीरां नै दीनयो

दुखड़ो पीरां रो बाबो सारो हर लिनयो

झोळी - झंडा ल्याय गिरातो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

छटो - छटो परचो बालक नाथ जी नै दीनयो

दुखड़ो संता रो बाबो सारो हर लिनयो

कानां मैं कुंडल झलकातो जा ज्ये

बाई सुगणा बाई..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।