लागेयो लक्ष्मण जी के बाण

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लागेयो लक्ष्मण जी के बाण,

कवे हनुमान सु राम, थाने जानो जरूरी काम

सुण ले बजरंगी

बजरंगी रे, मारा बजरंगी

पहलेया खोयी वन में नारी,

अब तो जातो रे दिखो रे भाई

मापे यह काई विपदा आई,

मारा बजरंगी

द्रोणागिरी पे बेल बतावे,

वो संजीवन नाम कहावे,

लेआवा वीर मेरा बच जावे

सुनले बजरंगी सुनले बजरंगी

महासु पूछे ली जद माई

कठे छोडो रे लक्षमण भाई

कहूँ जा क्या अवधपुर माई

मारा बजरंगी

माता खड़ी खड़ी सिस्केली,

मुख से बोली ना निक्सेली

धरती नीचे सूख सकेली

सुनले बजरंगी सुनले बजरंगी

हनुमत चरना शीश नवायो

सीधो पर्बत ऊपर आयो

वहां संजीवन को ना पायो

बाबा बजरंगी

पर्बत ऊपर देखि माया

मन में रोष घना ही आया

पूरो पर्बत ही उठाया

जय हो बजरंगी, जय हो बजरंगी

हनुमत दीयो संजीवन पान

चेतेयो लक्ष्मण जी बलवान

बोले राम चन्द्र भगवान्,

सुनले बजरंगी

थारो अमर रवेगो नाम

जग में राम भगत हनुमान

गावे सब कोई गुणगान

जय हो बजरंगी, जय हो बजरंगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।