हाथो में ले मोरछड़ी साँवरिया लहरायेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथो में ले मोरछड़ी बाबा लहरायेगा,

बाध के पगड़ी नीले चढ़ साँवरिया आयेगा ,

बाबा आयेगा साँवरा आयेगा ......

आँख में आँसू क्यो है तेरे क्यो रोता है प्यारे

श्याम के आगे कहदे अब तो अपने दुखड़े सारे

हँसते सब हरलेगा गले लगायेगा

हाथो में ले मोरछड़ी बाबा लहरायेगा ,

बाबा आयेगा साँवरा आयेगा ,

मोरछड़ी का वो है जादू तू क्या जाने पगले,

जिसके सिर पे श्याम फिरादे उसकी किस्मत बदले ,

बन्द किस्मत का ताला तेरा श्याम ही खोलेगा

हाथो मे ले मोरछड़ी बाबा लहरायेगा

बाबा आयेगा साँवरा आयेगा......

भाव का भूखा है साँवरिया भाव को ही पहचाने

इसके आगे घमण्ड चलेना सुनले ओ दीवाने

राही के जीवन मे बाबा खुशियाँ लायेगा

हाथो में ले मोरछड़ी बाबा लहरायेगा

बाबा आयेगा साँवरा आयेगा

ARUN CHAUHAN RAHI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।