दो पंख दिए होते तो उड़ आता खाटूधाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दो पंख दिए होते तो उड़ आता खाटूधाम ।

तेरी प्यारी सुरतिया ने मुझे घायल कर दिया श्याम ।।

गर पंछी बनता तो, तेरे धाम में रहता

गर फूल बनता तो, श्रृंगार तेरा बनता

चरणों का पूजारी समझके, मुझे रखलो बाबा श्याम

तेरी प्यारी सुरतिया ने....

किस्मत का मारा हूँ, मेरी कोई नहीं सुनता

जब आँखें रोती है, बस तु ही तु दिखता

न जाने क्या रिश्ता है, तुमसे मेरा बाबा श्याम

तेरी प्यारी सुरतिया ने...

"राजा" कहे भक्तों, ये श्याम सब सुनता

जो इसकी करे पूजा ,उसपे ये महर करता

बस एक नज़र में दीवाना, कर देता मेरा श्याम

तेरी प्यारी सुरतिया ने....

लेखक एवं गायक : राजा अग्रवाल, कोलकाता 9433680097

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।