मैं साईं का साईं मेरे साईं सुमिरु सांझ सवेरे

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैं साईं का साईं मेरे साईं सुमिरु सांझ सवेरे

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई सब तेरे ही बंदे साईं

अपना मजहब जो भी मानो सब का मालिक एक है जानो

श्रधा और सबुरी हो जिस में साईं का प्रिये भगत हो मेरे

मैं साईं का साईं मेरे साईं सुमिरो सांझ सवेरे

शिर्डी धाम विराजे साईं

भगत हिरदे में सांझे साईं

साईं महिमा अपरम पारा साईं सब का बने सहारा

साईं साईं जप हर पल मनवा साईं नाम का मनका फेरे,

मैं साईं का साईं मेरे साईं सुमरू सांझ सवेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।