जो कर्म कर रहे हो वहाँ सब हिसाब है

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॥ पावन पाठ ॥

जो कर्म कर रहे हो वहां सब हिसाब है

जैसा करोगे पाओगे सीधा जबाब है।

जब आ गए संसार मे ऊपर है तेरा हाथ

अब जो करो उसका नही कोई दबाब है।

तुम जैसे ही जवान थे ये भी कभी फणी

हाथ मे लाठी लिये ये जो जनाब है।

जाओगे एक दिन जब उस रब के सामने।

कहने की ज़रूरत नही वहां सब रिकार्ड है।

बाहर की छोड़ दीजिए अंदर की उनहे पता।

पर्दा नही उनसे है कोई सब बेनकाब है।

मर के भी नही मरता हो जाते अमर वो

परमात्मा के भक्ति से जिसको लगाव है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।