पीर हरो ब्रिज के स्वामी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पीर हरो ब्रिज के स्वामी

चलते चलते पग मेरा हारे कारण कौन बुलाये

सदा रही है आस तुम्हारी मार्ग कौन बताये

कभी गिरा न भक्त उतरो

तुमने बाह जो थामी पीर हरो ब्रिज के स्वामी

चल रैन निष् दिन खोवत है नैना आंसू आवे

छमा करो अपराध हमारो बालक भटक जावे

दास नारायण मुख न बोले तुम तो अंतर यामी

पीर हरो ब्रिज के स्वामी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।