बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बार बार पैयाँ पडू ब्रिज की नगरियाँ पीया घुमा दीजियो रे

बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

यमुना जल पान करू राधा जी को ध्यान धरु

ब्रिज की लटा भूमि पर हरि गुण गान करू

यमुना किनारे मिले संवारे सांवरियां रे पीया घुमा दीजियो रे

बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

केश घाट चीर घाट काली नाग नाथो श्याम

कदम खंडी कुञ्ज गली एसो है अनोखो धाम

कुञ्ज गली राधा से मिला दे नजरियाँ पीया घुमा दीजियो रे

बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

सपने में अधि रात बांसुरी की तान सुनी

ब्रिज की निराली भूमि कथा विच जान सुनी

तुम्हरे संग करते खाते बीती उमरिया पीया घुमा दीजियो रे

बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

हाथ की मुन्दारियां बेचू लेकिन पिया साथ चलू

ब्रिज के करुँगी दर्शन संवारे से बात करू

प्रेमी सजनवा झलके प्रेम की गगरियाँ पीया घुमा दीजियो रे

बिहारी लाल जी के दर्शन करा दीजियो रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।