रोते नैनो को ह्सादे

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रोते नैनो को ह्सादे पल में बाबा साईं मेरे

पानी से दीपक जला दे पल में बाबा साईं मेरे

जब मुसीबत आ गई सब ने छोड़ा साथ मेरा,

आगे बड के हाथ थामा पल में बाबा साईं मेरे

पानी से दीपक जला दे पल में बाबा साईं मेरे

अपनी मंजिल का ठिकाना ढूंडता फिरता रहा

बन के मंजिल समाने आये पल में बाबा साईं मेरे

पानी से दीपक जला दे पल में बाबा साईं मेरे

जिस ने जैसा पूजा तुमको वैसा पाया रूप तेरा

कभी सखा कभी पिता बने पल में बाबा साईं मेरे

पानी से दीपक जला दे पल में बाबा साईं मेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।