आजा आजा बुलाती है सखियाँ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आजा आजा बुलाती है सखियाँ

तडपती है अखियाँ कन्हियाँ बेदर्दी

कैसी लगी बिमारी देखो न भजिया हमारी,

हए कट ती न काटे ये रातिया,

तडपती है अखियाँ कन्हियाँ बेदर्दी

प्रीतम तुम्ही हो हमारे जीवन के तुम हो सहारे

याद आती है प्यारी सी बतियाँ

तडपती है अखियाँ कन्हियाँ बेदर्दी

रो रो के राधा बुलाते अंजनी ये नैना बहाते

मेरे प्रेमी जरा देख गतियाँ

तडपती है अखियाँ कन्हियाँ बेदर्दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।