साईं ही भव से पार करेगे मन की आंखे खोल रे

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साईं राम का नाम बड़ा बस साईं साईं बोल रे

साईं ही भव से पार करेगे मन की आंखे खोल रे

बोलो जय साईं राम बोलो जय साईं राम

जो साईं का नाम जपे कुछ और न उसको भाता है

केहना चाहे कुछ भी मगर बस साईं लव पे आता हिया

कीमत हर शेह की जग में साईं नाम अनमोल रे

साईं ही भव से पार करेगे मन की आंखे खोल रे

साईं के हाथ हजारो साईं साईं सब को खुशियाँ बाँट ते है

भव सागर में जो फस जाए उस के बंधन काट ते है

कुछ भी बोलन से पेहले तू अपनी वाणी टोल रे

साईं ही भव से पार करेगे मन की आंखे खोल रे

साईं नाम ही इस दुनिया में सब को पार लगाता है

कोई बड़ा न कोई छोटा साईं यही समजाता है

साईं नाम की ज्योत जला के हर दम यही बोल रे

साईं ही भव से पार करेगे मन की आंखे खोल रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।