जपो बम लेहरी लेहरी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन शिव भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

शिव को पति पाया गोरा शिव नाम की माला फेरी

जपो बम लेहरी लेहरी भजो शिव लेहरी लेहरी,

युग युग से गोरा करे शिव का इन्तजार है

दासी है गोरा शिव सिर्जन हार है

शिव दर्शन से हुआ सपना साकार है

शिव शक्ति ही सारे जग का आधार है

बात सुनो मेरे दीना नाथ हर जन्म में गोरा तेरी

जपो बम लेहरी लेहरी भजो शिव लेहरी लेहरी,

राम प्रभु पर संकट आया था

रामजी ने शिव जी का ध्यान लगाया था

बजरंगी का भोले रूप बनाया था

बन के रामेश्वर साथ निभाया था

रावन भी सेवक शंकर का क्या लीला है तेरी

जपो बम लेहरी लेहरी भजो शिव लेहरी लेहरी,

जन कल्याण है तू शिव भंडारी है मस्तक पे चंदर विराजे शीश गंग धारी है

नील कंठ भोले जी की महिमा निराली है शं में प्रशन होते शिव वरदानी है

भव सागर से पार लगाओ तरुण की वेडी,

जपो बम लेहरी लेहरी भजो शिव लेहरी लेहरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।