संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं,

और संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं ।

हो जाते है जिसके अपने पराये,

हनुमान उसको कंठ लगाये ।

जब रूठ जाये संसार सारा,

बजरंगबली तब देते सहारा ।

अपने भक्तो का बजरंगी मान करते है,

संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं ॥

दुनिया में काम कोई ऐसा नहीं है,

हनुमान के जो बस में नहीं है ।

जो चीज मांगो, पल में मिलेगी,

झोली ये खाली खुशियों से भरेगी ।

सच्चे मन से जो भी इनका ध्यान करते हैं,

संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं ॥

कट जाये संकट इनकी शरण में,

बैठ के देखो बजरंग के चरण में ।

‘लख्खा’ की बातों को झूठ मत मानो,

फिर ना फंसोगे जीवन मरण में ।

इनके सीने में हरदम सिया राम रहते है,

संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं ॥

और देवता चित्त ना धरही,

हनुमंत से सर्व सुख करही ।

संकट कटे मिटे सब पीरा,

जो सुमिरै हनुमत बल बीरा ।

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं,

संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।