सांवरिया चैन चुराए गेयो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया चैन चुराए गेयो रे

श्याम मेरो सपने में आये गयो रे

श्याम जी की लीला थी श्याम की नगरी

प्यार वाले रस से भरी मन की गगरी

प्रेम वारो जादू वारो भगती वारो नशा पिलाए गयो रे

श्याम मेरे सपने में आये गयो रे

ऐसो रंगो श्याम ने अपने रंग में

बन के सखी नाचू मैं श्याम संग में

रास एसी नटखट रचाए गयो रे

श्याम मेरो सपने में आये गयो रे

मैंने जो पुछा कहा फिर मिलेगे

अपने मिलन के काहा गुल खिलेगे

राधा का पता लिख वाये गयो रे

श्याम मेरो सपने में आये गयो रे

दिल पे लगे नैन वो कारे कारे

लोकेश वो केश थे घुरुवाले

मन मेरा याहा उल्जाये गयो रे

श्याम मेरो सपने में आये गयो रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।