मेरी लाज रखो रघुनन्दन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी लाज रखो रघुनन्दन,

कर हु तुम्हारे चरण कमल में कोटि कोटी अभिनन्दन

मेरी लाज रखो रघुनन्दन

दीं हीन में हाथ जोड़ कर खड़ा तुम्हारे द्वारे

हे करुना के सिन्धु दया निधि सुन लो मेरी पुकार

तुम हो अगम अघोचन सवामी सविकारो मम वंदन

मेरी लाज रखो रघुनन्दन

मीरा के गोपाल तुम्ही हो

सूरा दास के श्याम

अर्जुन के तुम कृष्ण कन्हिया शबरी के तुम राम

तुलसी के रघुनाथ तुम्ही हो

गोपीन के ब्रिज नंदन

मेरी लाज रखो रघुनन्दन

भकत जनों की नैया भगवान तुम्ही लगाते पार

दीं दयालु कर ते सदा तुम भगतो पर उपकार

यम का पास छुडाने वाले

नाथ तुम्ही भव भंजन

मेरी लाज रखो रघुनन्दन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।