भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम भोले जी बाबा बम बम भोले

गले में इनके सर्प माला हाथ में है तिरशूल

नील कंठ पे बैठे बाबा लगते बड़े कूल

भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

जटा से इनकी गंगा बेहती करती जग कल्याण

मिरगो की ये छाला पेहने लगते बड़े कमाल

भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

स्म्शानो में डेरा डाले बेठे दिन और रात

भगतो की ये रक्शा करता बिन सोचे दिन रात

भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

बिन सोचे बिन समजे बाबा देते है वरदान

दीं हीन को धन है देते देते राज और पाठ

भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

चो रे भगतो शरण में इनकी जीवन सफल बनाये

उचे पर्वत बैठे बाबा करते जग कल्याण

भोला भंडारी बाबा भोला भंडारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।