गुरुदेव सांवरिया मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे

तेरे बिना मेरा है कौन यहाँ

प्रभु तुम्हे छोड़ मैं जाऊं कहां

मैं तो आन पड़ा हूँ दर तेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

मेने जनम लिया जग में आया

तेरी कृपा से यह नर तन पाया

तूने किये उपकार घनेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

मेरे नैना कब से तरस रहे

सावन भादो है बरस रहे

अब छाए घनघोर अँधेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

प्रभु आ जाओ प्रभु आ जाओ

अब और ना मुझको तरसाओ,

काटो जनम मरण के फेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

जिस दिन दुनिया ने आया

मैंने पल भर चैन नहीं पाया

सहे कष्ट पे कष्ट घनेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

मेरा सच्चा मार्ग छूट गया

मुझे पांच लुटेरों ने लूट लिया

मैंने यतन किये बहुतेरे

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

तुम दीन बंधू हितकारी,

हम आये शरण तिहारी

काटो जनम मरण के फेरे

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

विशिओं के जाल मैं फंस कर के

मोह माया के पाश में फसकर के

दुःख पाया मैंने प्रभु जी घनेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

हम दीन हीन संसारी,

आशा एक नाथ तिहारी

तेरे चरण कमल के चेरे,

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

तूने लाखों पापी तारे,

नहीं कोई गुण दोष विचारे,

खड़ा भिक्षु द्वार पे तेरे

गुरुदेव सांवरिया मेरे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।