हाल अपना सुनाऊ किसे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज: छोडदे सारी दुनिया किसी के

हाल अपना सुनाऊ तुम्हे साँवरे

एक तुही तो है मेरा साँवरे

तेरे होते क्यो आँखो में आँसू मेरे

इतनी अछी नही बेरुखी साँवरे,,,

तुझको अपना है साथी माना सदा

मेरे दुःख की घड़ी में कहाँ तू बता

ये बता दे हुई क्या है मुझसे खता

क्या नही हूँ मै दास के काबिल बता

तू सुनेगा नही तो कहाँ जाऊँगा

तेरी चोखट पे रो रो के मर जाऊँगा

हाल अपना सुनाऊ,,,,,,,,,,

एक तू ही तो जग में सहारा मेरा

है भरोसे पे तेरे ये जीवन मेरा

ऐसे कब तक सताओगे ओ साँवरे

ठोकरे खाके आया हूँ दर साँवरे

अपने प्रेमी पे इतना सितम क्यो करे

ये बता दे मुझे ओ मेरे साँवरे

हाल अपना सुनाऊ,,,,,,,,,

तेरी रहमत का दरिया है बहता सदा

में रहूगा यू पियासा कब तक बता

अब तो आँखो के आँसू भी सूखे मेरे

हार जाऊ ना जीवन मेरे साँवरे

तेरे ,राही, को तुझपे भरोसा बड़ा

हार हो ना सके संग जब तू खड़ा

हाल अपना सुनाऊ,,,,,,,,,

ARUN CHAUHAN RAHI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।