कहन लागे मोहन मईया मईया

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कहन लागे मोहन मईया मईया

नन्द बाबा सो बाबा रे बाबा

और हल धर सो धैया,

कहन लागे मोहन मईया मईया

उचे चड केहत यशोदा ले ले नाम कन्हियाँ

कहन लागे मोहन मईया मईया

दूर खेलन मत जाओ लाला रे

मारे गी गाओ की गैयाँ,

कहन लागे मोहन मईया मईया

मणि खमबन प्रति बिन बिलोकत

हो नाचत कुवर निज कन्हियाँ

कहन लागे मोहन मईया मईया

गोपी ग्वाले करत को तू हल

घर घर भजे वधियाँ

कहन लागे मोहन मईया मईया

सूरदास प्रभु तुम्हरे दर्श को,

दर्शन की बलि दइयाँ,

कहन लागे मोहन मईया मईया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।