मैं खाटू श्याम का दीवाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं खाटू श्याम का दीवाना

वही बिगड़ी बनाते है,

मिटा के मेरी उल्जन वो मेरे काम आते है

मैं खाटू श्याम का दीवाना

मुझे पग पग पे वो आके सदा देते सहारा है

मैं जब मजधार में आया वही बनते किनारा है

मैं जब आंसू बहाता हु मुझे आके हसाते है

मिटा के मेरी उल्जन वो मेरे काम आते है

मैं खाटू श्याम का दीवाना

ये हारो का सहारा है बड़ी महिमा निराली है

नही दानी कोई ऐसा जगत इसका सवाली है

शरण में जो भी आ जाता बड़ी किरपा लुटाते है

मिटा के मेरी उल्जन वो मेरे काम आते है

मैं खाटू श्याम का दीवाना

बड़ा है वीर मत वाला शीश ही दान कर डाला

नही योधा कोई ऐसा ये है भगतो का रखवाला

निशाँ इसका जो लाते है बड़ा सुख चैन पाते है

मिटा के मेरी उल्जन वो मेरे काम आते है

मैं खाटू श्याम का दीवाना

ना हारा हु मैं किस्मत से ना मैं दुनिया से हारुगा

मुझे है नाज बाबा पे सदा उनको पुकारू गा

केवल मेरा वो रखवाला कर्म मुझपे कमाते है

मिटा के मेरी उल्जन वो मेरे काम आते है

मैं खाटू श्याम का दीवाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।