तूने जो ठुकराया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तेरे दर आया कन्हैया, मैं तेरे दर आया

इस जालिम संसार ने कान्हा, मुझको बड़ा सताया

मैं तेरे दर आया कन्हैया मैं तेरे दर आया

आंसू की माला है मुझ पर, दर्द का दीपक लाया

तूने क्यों बिसराया मुझको ,तूने क्यों बिसराया

तू हारे का एक सहारा ,संतो ने फरमाया

कैसा जगत रचाया तूने , कैसा जगत रचाया

मैं बालक हूं मैं क्या जानू ,कैसी तेरी माया

तूने जो ठुकराया मुझको ,तूने जो ठुकराया

मर जाऊंगा मैं तो कन्हैया ,तूने जो ठुकराया

राही ने जो गाया कान्हा ,राही ने जो गाया

वहीं लिखा मैंने तो बिसरिआ, तूने जो भी लिखाया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।