एक प्यार का बंधन है

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॥ पावन पाठ ॥

तर्ज- एक प्यार का नगमा है...

एक प्यार का बंधन है , रिस्ता ये पुराना है

जीवन साथी जन्मो के , हमे प्रीत निभाना है

एक प्यार का बंधन है.....

जीवन की राहो में , आये है सुनहरे पल

सुख दुख के हम साथी , चले साथ सदा हरपल

ये एनिवर्सरी हमको , खुशियो से मनाना है

जीवन साथी जन्मो के , हमे प्रीत निभाना है

एक प्यार का बंधन है.....

तुम दीप हो में ज्योति , जैसे सीप में हो मोती

सरला अजय जी की , हो जाये अमर प्रीति

बाबोसा का इस परिवार से , रिस्ता पुराना है

जीवन साथी जन्मो के , हमे प्रीत निभाना है

एक प्यार का बंधन है.....

।। सिंगर शेलेन्द्र नीलम मालवीया।।

।। रचनाकार दिलीप सिंह सिसोदिया।।

" दिलबर " नागदा जक्शन म.प्र.

मो. 9907023365

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।