मनमोहन मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़:महबूब मेरे,महबूब मेरे

मनमोहन मेरे,मनमोहन मेरे

रहमत से तेरी मेरी जिंदगी है,

चरणों मेंअर्पण मेरी बंदगी है,

मनमोहन मेरे-------------।।

तुम्ही शब्द और तुम्ही अर्थ,

हो तुम्ही मेरे परमार्थ,

तुम्ही भाग्य और तुम्ही कर्म,

हो तुम्ही मेरे पुरुषार्थ,

मेरी भक्ति भी तुम्ही हो,

मेरी शक्ति भी तुम्ही,

मनमोहन मेरेे-----------।।

तुम्ही स्नेह हो तुम्ही राग,

हो तुम्ही मेरे अनुराग,

तुम्ही भावऔर तुम्ही प्रेम,

हो तुम्ही भोग और त्याग,

मेरी उपवन भी तुम्ही हो,

और पराग भी तुम्ही,

मनमोहन मेरे-----------।।

तुम्ही सांस हो तुम्ही धड़कन,

हो तुम्ही प्राण आधार,

तुम्ही नयनऔर तुम्ही ज्योति,

हो तुम्ही बिपुल संसार,

मेरी सुबह भी तुम्ही हो,

मेरी सांझ भी तुम्ही,

मनमोहन मेरे------------।।

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।