मत पकड़ो कलाई यशोदा के लला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मत पकड़ो कलाई यशोदा के लला मचा दूंगी हला रे

राधा रानी से आज पड़ा है तेरा पला रे मचा दूंगी हला रे

मत पकड़ो कलाई यशोदा के लला मचा दूंगी हला रे

मुझको समज न तू भोली भाली

रानी हु मैं बरसाने वाली

छोर कर दूंगी जानेगा सारा मोहला मचा दूंगी हला रे

मत पकड़ो कलाई यशोदा के लला मचा दूंगी हला रे

नही माना तो सबक सिखाऊ गी बात यशोदा मैया को बताऊ गी

तुम्हे मारे गी देके दरवाजे का पला मचा दूंगी हला रे

मत पकड़ो कलाई यशोदा के लला मचा दूंगी हला रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।