भोले तेरी कैसे कांवड़ लाऊं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा तेरे दर पे कैसे आऊं मैं

कोरोना में कैसे तेरी कांवड़ लाऊं मैं

भारत में लगरा सै बाबा हैवी लोकडाउन

दिल डाटे नहीं डटता कैसे इसको मैं समझाऊं

ऐसा यत्न बनाओ जो तेरे दर्शन पाऊं मैं

बहुत घना बेचैन हूं भोले तेरे दर्शन पाने को

मन में उठे हिलोर बाबा गंगा जी में नहाने को

मत करवाना एफसेन्ट हर साल आऊं मैं

महामारी को दूर भगा के कर दो पहले जैसा

नभ में जयकारे गूंजे माहौल बना दो ऐसा

अमित शर्मा भोले तेरे भजन सुनाऊं मैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।