हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेहर करू तू दाता बख्शन हार सदा

हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

बनया रहे एह प्रेम प्यार सत्कार सदा

हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

खुशिया दे एह मेल कदे भी मुकन न

फूल तेरी किरपा दे कदी भी सुकन न

दूर रहे हर कष्ट कलेश विकार सदा

हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

बडेया नु बडयाई दे दिल वडा दे

निकिया नु सेवा भगती दा जज्बा दे

इक दूजे लई जान करन बलिहार सदा

हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

साहिल दी अरदास एहो लेखे लाइ

रिश्तेया दी तू कद्र दिला नु सम्जाई

अपने हुँदै अपने आखिर कार सदा

हसदा वसदा रहे मेरा परिवार सदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।